पानी में करेंट फैलाकर नीलगाय एवं भालू की हत्या.. वन्य जीवों को मारने वाले दो आरोपी गिरफतार तीसरे की तलाश जारी..

जंगली जानवरो को मौत के घाट उतारने का पर्दाफाश
 
shikari
 दमोह। जिले के तेंदूखेड़ा के जंगल मे करेंट लगाकर भालू की हत्या करने के मामला में एक नया खुलासा हुआ है। भालू को मौत के घाट उतारने वाले मुख्य अपराधी का जहा पता लग गया है वही यह फिलहाल वन विभाग की पकड से दूर है। लेकिन भालू की हत्या में सहयोग करने वाले तथा दस दिन पूर्व उसी स्थान पर नील को भी करेंट लगाकर मौत के घाट उतारने वाले दो आरोपी वनविभाग की पकड़ मे आ गए है। जिन्हे दमोह न्यायलय मेे पेश किये जाने के बाद जेल भेज दिया गया है। 
ज्ञात हो कि सैलवाड़ा सर्किल की सिलपुरा में मिश्रित प्लानटेशन के अंदर बनी पानी झिरियां के पास पानी पीने आए जंगली जानवरो को मौत के घाट उतारने का सिलसिला लम्बे समय से चल रहा है। यह ऐसा स्थान है कि यहां पर जंगल के जानवर अपने प्यास बुझाने प्रतिदिन आते है और यहीं पर शिकारी घात लगाकर जानवरो की हत्या कर ले जाते है। पहले भी जानवरो की करेंट लगाकर हत्या की गई है। भालू की हत्या के वाद वनविभाग के अमला ने सोमवार से सागर से बुलाए डांग स्कार्ड की मदद से सम्पूर्ण क्षेत्र में हत्या करने बाले शिकारियों की तलाश की थी। इस दौरान दो शिकारी वनविभाग के हत्थे चढ गए है। 
जिनमें रानू पिता मुन्ना रैकवार एवं चंद्रकुमार पिता रामकुमार रैकवार दोनो निवासी ग्राम सैलवाड़ा के हैं। जिन्होने उसी स्थान पर नील गाय की भी हत्या की थी। इसके अलावा रविवार को भी करेंट लगाकर भालू की हत्या करने के षंडयंत्र में भी शामिल थें। लेकिन भालू की हत्या करने बाला मुख्य आरोपी हल्ले यादव ग्राम सैलवाड़ा का अभी फरार है। जिसकी तलाश वनविभाग का अमला कर रहा है। 
प्रभारी रेंजर सतीश पाराशर ने बताया कि इसके अलावा वनविभाग ने पीआरओ क्रमाक 556/2 एवं पीआरओ क्रमाक 559/23 को मामला दर्ज कर वनविभाग ने दो कुल्हाडी, 56 सेमी लम्बी एवं 26 सेमीटर गुलाई की लकडी के साथ नीलगाय की आंते जप्त की गई है। इस सर्च के दौरान एसडीओ डाक्टर रेखा पटैल, खूब सिहं, राकेश दुवे डिप्पी रेजर, वनरक्षक संदीप ठाकुर, सुग्रीव ठाकुर, जेपी गोप, ओमकार यादव, शहजाद एवं डांग स्कार्ड टीम सागर की शामिल रहीं।  तेंदूखेड़ा से विशाल रजक की रिपोर्ट

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