अपहृत किशोरी दो सप्ताह बाद रेलवे स्टेशन पर मिली.. GRP ने देर रात प्लेटफॉर्म 2 पर संदेहास्पद हालत में मिलने पर जब पूछताछ की तो..

हिंडोरिया पुलिस ने पूछताछ कर परिजनों को सौंपा
 
किशोरी
दमोह रेलवे स्टेशन पर देर रात जीआरपी पुलिस की सक्रियता सजगता से एक किशोरी बदमाशों के चुंगल में पढ़ने के बजाए सुरक्षित अपने परिजनों तक पहुंच गई दरअसल देर रात प्लेटफार्म क्रमांक दो पर एक किशोरी के संदेहास्पद स्थिति में मिलने पर जब जीआरपी टीम ने पतासाजी की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई..

 

 

 

दरअसल नवरात्र पर्व के दौरान हिंडोरिया थाना अंतर्गत एक नाबालिग किशोरी के अपहरण किए जाने की शिकायत पर बिलाई चौकी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच में लिया था। 2 सप्ताह पूर्व दर्ज अपहरण के इस मामले में पुलिस के हाथ खाली के खाली बने हुए थे। 

इधर गुरु शुक्र की दरमियानी रात दिल्ली से आई ट्रेन के रवाना हो जाने के बाद जीआरपी पुलिस दमोह के प्रधान आरक्षक पवन कुमार, आरक्षक  मनीष, गोपाल, रविंद्र द्वारा रात्रि कालीन चेकिंग पीएफ पर की जा रही थी। इसी दौरान प्लेटफार्म क्रमांक दो पर एक किशोरी संदेहास्पद स्थिति में मिली। जिसने पूछताछ में अपना नाम  लक्ष्मी पिता राधेश्याम साहू उम्र 17 वर्ष निवासी बिलाई क्षेत्र होना बताया। 

जीआरपी चौकी पुलिस द्वारा तद संदर्भ में रात में ही थाना हिंडोरिया प्रभारी से संपर्क करने पर जानकारी प्राप्त हुई कि इसके मामले में अपराध क्रमांक 147/ 22 धारा 363 भा द वि का मामला पंजीबद्ध है। जिस पर बालिका को सुरक्षित चौकी लाकर रखा गया। शुक्रवार को थाना हिंडोरिया की पुलिस के आने पर सकुशल नाबालिक लड़की दस्तयाब होने पर सुपुर्द की गई।

करीब 2 सप्ताह से लापता अपहरत किशोरी के सकुशल घर पहुंच जाने से परिजनों ने जहां राहत की सांस ली है वही किशोरी द्वारा घर से बिना बताए नवरात्र के दौरान वैष्णो देवी जाने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद किशोरी के अपहरण की गुत्थी फिलहाल नहीं सुलझ पाई है। इतने दिनों तक वह कहां किसके साथ रही तथा दमोह कैसे वापस पहुंची इसको लेकर पुलिस जांच पड़ताल पूछताछ करते हुए अपहरण के आरोपी का पता लगाने की कोशिश में जुटी हुई है। वही जीआरपी टीम की तत्परता की भी सराहना की जा रही है..

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