मप्र के पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया समर्थको के बाद.. अब पिछड़ा वर्ग के कुछ ओर नेता आज भाजपा से दे सकते है इस्तीफा..

पार्षद टिकट वितरण असंतोष के बाद इस्तीफ़ा की तैयारी
 
Bjp
दमोह। नगर पालिका चुनाव के पहले मप्र के पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ मलैया द्वारा भाजपा से त्याग पत्र दिए जाने के बाद पार्टी में उपेक्षा से नाराज अनेक नेता कार्यकर्ता बीजेपी से इस्तीफा दे चुके हैं इनमें से कुछ निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पार्षद बनने अपना नामांकन भी जमा कर चुके हैं।

 

सोमवार को नगर पालिका चुनाव के लिए जमा हुए समस्त नामांकन पत्रों की जहा जांच होनी है वही भाजपा से एक और ग्रुप इस्तीफा देने पार्टी कार्यालय पहुच सकता है।  आज पिछड़ा वर्ग से भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं के अलावा एक जिम्मेदार पदाधिकारी के भी भाजपा छोड़ने की खबर सामने आ रही है।

आज भाजपा से इस्तीफा देने पार्टी कार्यालय पहुंचने वालों में युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश कार्यकारणी सदस्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पूर्व प्रदेश पदाधिकारी युवा साहू समाज के प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष सत्येंद्र साहू का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। उनके साथ इनकी मां भाजपा की पूर्व पार्षद श्रीमती गिरिजा तुलराम साहू सहित साहू समाज पिछड़ा वर्ग के अनेक लोगों के भाजपा से इस्तीफा देने 11 बजे के बाद पार्टी कार्यालय पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

उल्लेखनीय है कि भाजपा के स्थापना काल से ही पार्टी के समर्पित निष्ठावान कार्यकर्ताओं में तुला राम साहू का नाम अग्रणी रहा है वही उनकी पत्नी श्रीमती गिरिजा देवी साहू भाजपा की समर्पित कार्यकर्ता पदाधिकारी और पार्षद रही हैं। इस बार भी उनके द्वारा पार्षद टिकट की मांग की गई थी लेकिन पार्टी किसी और को उम्मीदवार बनाया है। वही उनके द्वारा निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया गया है। इनके पुत्र सत्येंद्र साहू भी प्रारंभ से समर्पित भाजपा कार्यकर्ता पदाधिकारी रहे हैं। लेकिन माना जा रहा है कि साहू परिवार के पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया समर्थक होने की वजह से इस बार पार्षद टिकट से वंचित किया गया है। जिसके बाद इनके द्वारा समर्थकों के साथ भाजपा छोड़ने की मानसिकता बना ली गई है..

इस्तीफा

आज भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने जा रहे नेताओं में एक और बड़ा नाम युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष और भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के वर्तमान जिला अध्यक्ष प्रमोद विश्वकर्मा का सामने आ रहा है। इनके द्वारा भी अपनी पत्नी के लिए शहर के फूटेरा वार्ड 4 से भाजपा टिकट मांगी गई थी। लेकिन पार्टी द्वारा अंतिम समय में नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष और तीन बार के पार्षद नरेंद्र चंदेल की धर्मपत्नी को यहां से फिर से प्रत्याशी बना दिया गया है जिसके बाद प्रमोद विश्वकर्मा की पत्नी ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया है। 

कुल मिलाकर यदि यह नेता अपना इस्तीफा देने भाजपा कार्यालय पहुंचते हैं तो 1 सप्ताह में भाजपा के लिए यह छठवा झटका होगा। सबसे पहले पूर्व मंत्री जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ ने प्रेस कॉन्फस करके भाजपा छोड़ी थी। इसके बाद पूर्व महामंत्री रमन खत्री के साथ अनेक पूर्व पदाधिकारियों ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर जिला अध्यक्ष प्रीतम सिंह को अपना इस्तीफा दिया था। इसके बाद भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंघई ने पूर्व पदाधिकारियों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचकर जिला महामंत्री अमित बजाज को अपना इस्तीफा सौंपा था

उसके बाद नितिन चौरसिया और इस्लाम पठान के नेतृत्व में 9 पूर्व पार्षदों व कुछ अन्य नेताओं ने भाजपा कार्यालय पहुंचकर दीवार पर अपना इस्तीफा चस्पा किया था।

नगर पालिका चुनाव नामांकन दाखिले के अंतिम दिन शहर कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल ठाकुर को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने भाजपा की सदस्यता दिला कर मलैया समर्थकों के इस्तीफे के गम को कम करने की कोशिश की थी लेकिन इसी दिन धर्मपुरा वार्ड से पूर्व पार्षद महेंद्र सिंह ने भाजपा से इस्तीफा देकर कांग्रेस का दामन थाम थाम कर भाजपा को पांचवा झटका दिया था। वही आज सत्येंद्र साहू और प्रमोद विश्वकर्मा जैसे पिछड़ा वर्ग के नेता यदि भाजपा से इस्तीफा देते हैं तो नगर पालिका चुनाव के दौरान या भाजपा के लिए छठवां झटका होगा।

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