कोर्ट में चपरासी की नौकरी लगवाने के नाम पर दस बेरोजगारों से 30 लाख रूपए की ठगी.. कोतवाली पुलिस ने आरोपी शरद मिश्रा को ग्वालियर से पकड़ा.. दूसरा भाई पहले से जेल में..

 
कोतवाली पुलिस ने आरोपी को ग्वालियर से पकड़ा.. 
दमोह। न्यायालय में चपरासी के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर दस लोगो से 30 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले शरद मिश्रा नाम के बदमाश को पुलिस ने ग्वालियर से  पकड़ने में  सफलता हासिल कर ली है आरोपी का एक भाई पूर्व में पकड़े जाने के बाद जेल में बंद है।
दमोह कोर्ट में पिछले वर्ष जनवरी 2018 में चपरासी भर्ती के पदों पर भर्ती होना थी जिसमें नियुक्ति दिलाने के नाम पर ग्वालियर निवासी शरद मिश्रा और उसके भाई के द्वारा दमोह के 10 लोगों को भरोसे में लेकर 33 लाख रुपए की राशि ले ली गई थी। लेकिन बाद में जब चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी हुई इनमें से किसी का भी नाम नहीं था। जिसके बाद ठगी के शिकार हुए बेरोजगारों ने शरद मिश्रा से अपने रुपए वापस मांगे के द्वारा टाला मटोली की जाती रही।
कोर्ट में चपरासी की नौकरी लगवाने के नाम पर दस बेरोजगारों से 30 लाख रूपए की ठगी.. कोतवाली पुलिस ने आरोपी शरद मिश्रा को ग्वालियर से पकड़ा.. दूसरा भाई पहले से जेल में..

 मामले की शिकायत दमोह कोतवाली में किए जाने पर पुलिस ने धारा 420 के तहत शरद मिश्रा एवं इसके भाई जय प्रकाश मिश्रा पर अपराध पंजीबद्ध किया था जयप्रकाश को पूर्व में गिरफ्तार किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया था। जो हाई कोर्ट से जमानत निरस्त हो जाने के बाद फिलहाल जेल में ही है वहीं अब ग्वालियर से शरद मिश्रा को भी पकड़कर कोर्ट में पेश किए जाने पर बुधवार को जेल भेज दिया गया।
कोर्ट में चपरासी की नौकरी लगवाने के नाम पर दस बेरोजगारों से 30 लाख रूपए की ठगी.. कोतवाली पुलिस ने आरोपी शरद मिश्रा को ग्वालियर से पकड़ा.. दूसरा भाई पहले से जेल में..
मामले की जानकारी देते हुए कोतवाली टीआई एचआर पांडे ने बताया कि आरोपी के द्वारा लोगों से वसूल की गई राशि फिलहाल बरामद नहीं हो सकी है तथा उसके द्वारा उपरोक्त रकम खर्च कर देना बताया जा रहा है जबकि आरोपी का इस मामले में कहना था कि अधिकांश लोगों की राशि वापस कर चुका है। जबकि कोतवाली में मौजूद ठगी के शिकार लोग अपनी रकम मिलने से इनकार करते नजर आए।  अजितसिंह राजपूत के साथ अभिजीत जैन की रिपोर्ट

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