मप्र में पंचायत चुनाव प्रक्रिया के बीच सुप्रीम कोर्ट ने OBC सीटों के चुनाव पर रोक लगाई.. राज्य निर्वाचन आयोग को दिए निर्देश..

ओबीसी सीटों को फिर से नोटिफाई करने के निर्देश
 
पंचायत चुनाव
मप्र में पंचायत चुनाव को लेकर कोर्ट कचहरी की पंचायतों का दौर जारी है सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न याचिकाओं की सुनवाई करते हुए पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीटों पर पंचायत चुनाव पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं जिससे अब पिछड़ा वर्ग के यह रिजर्व सीटों को छोड़कर फिलहाल चुनाव प्रक्रिया संचालित होगी

नई दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट ने आज पंचायत चुनाव को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई के बाद पंचायत चुनाव की ओबीसी सीटों को फिर से नोटिफाई करने के निर्देश दिए है। जिससे ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों पर चुनाव प्रक्रिया पर रोक लग गई है।

 जस्टिस एएम खानविलकर और सीटी रविकुमार की बेंच ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिए हैं कि सामान्य वर्ग की सीटों को फिर से रि-नोटिफाई किया जाए. लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, बेंच ने पाया कि ओबीसी आरक्षण का नोटिफिकेशन सर्वोच्च अदालत के पूर्व में दिए गए विकास किशनराव गवली वर्सेस महाराष्ट्र राज्य के फैसले के खिलाफ था।

सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे ही ओबीसी कोटा महाराष्ट्र के स्थानीय चुनाव में भी स्टे कर दिया गया था. याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा कोर्ट में पेश हुए. वहीं राज्य निर्वाचन आयोग का पक्ष एडवोकेट सिद्धार्थ सेठ और एडवोकेट कार्तिक सेठ ने रखा. 

आग से मत खेलिए'
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि "कृप्या आग से मत खेलिए. आपको स्थिति को समझना चाहिए. राजनीतिक मजबूरियों के आधार पर फैसले मत कीजिए. क्या हर राज्य का अलग पैटर्न होगा? सिर्फ एक संविधान है और आपको उसका पालन करना होगा. सुप्रीम कोर्ट भी एक ही है. यह चुनाव आयोग का गैर जिम्मेदाराना व्यवहार है. यह जिम्मेदारी से काम नहीं कर रहा है.जब ऐसा ही एक आदेश दिया गया था, तब आप भी वहां थे. हम नहीं चाहते कि मध्य प्रदेश में कोई प्रयोग हो।

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