अच्छी बारिश के लिए परंपरा के नाम पर बालिकाओं के नग्न पूजन मामले में.. आधा दर्जन आदिवासी महिलाओं पर पास्को एक्ट के तहत FIR.. आदिवासी समुदाय ने आश्चर्य के साथ कार्रवाई पर सवाल उठाए.. मामले में ज्ञापन प्रदर्शन को लेकर चर्चाएं शुरू

 

 कल समझाइस आज महिलाओं पर एफआईआर

दमोह। अल्प बारिश के हालात में इंद्र देव को मनाने और माता रानी को प्रसन्न करने के लिए आदिवासी समुदाय की कुछ महिलाओं द्वारा अपनी मासूम बेटियों को वस्त्र विहीन करके मूसल मेंढकी के साथ पूजन किये जाने का मामला मीडिया में आने के बाद बाल  आयोग द्वारा कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी गई थी। जिसके बाद बुधवार को जबेरा के बनिया ग्राम पहुचे कलेक्टर एसपी ने अन्य अधिकारियों के साथ गांव वालों से चर्चा करके पूरे मामले की जानकारी ली थी। वही सभी को जागरूक करके भविष्य में इस तरह का आयोजन नहीं करने का आश्वासन भी लिया था।


इस तरह से पूरे मामले का पटाक्षेप होता नजर आया था लेकिन अचानक गुरुवार को आदिवासी समुदाय की आधा दर्जन महिलाओं के खिलाफ जबेरा थाने में पास्को एक्ट सहित अन्य धाराओं में पुलिस द्वारा एफ आई आर दर्ज कर लिए जाने की खबर सामने आई है । जिसकी पुष्टि एएसपी शिव कुमार सिंह द्वारा किए जाने के बाद आदिवासी समुदाय के लोग आश्चर्य के  साथ उपरोक्त कार्रवाई पर सवाल उठाते जल्द जिला स्तर पर ज्ञापन प्रदर्शन की चर्चा करते नजर आए हैं।

अच्छी बारिश के लिए परंपरा के नाम पर बालिकाओं के नग्न पूजन मामले में.. आधा दर्जन आदिवासी महिलाओं पर पास्को एक्ट के तहत FIR.. आदिवासी समुदाय ने आश्चर्य के साथ कार्रवाई पर सवाल उठाए.. मामले में ज्ञापन प्रदर्शन को लेकर चर्चाएं शुरू

उल्लेखनीय है कि दमोह जिले का जबेरा विधान सभा क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। कुछ माह पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने महामहिम राष्ट्रपति महोदय के आतिथ्य में सिग्रामपुर में गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया था। जिसमे आदिवासी समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। इस आयोजन के जरिए भाजपा जहां आदिवासी वर्ग से नजदीकी बढ़ाती नजर आई थी वही अब आदिवासी महिलाओं पर पास्को एक्ट के तहत दर्ज हुई f.i.r. से कांग्रेस को बैठे-बैठाए है मुद्दा मिलता नजर आ रहा है। ऐसे में आदिवासियों के ज्ञापन प्रदर्शन के दौरान उनके साथ यदि कांग्रेस के नेता भी नजर आए तो आश्चर्य नहीं होगा। पिक्चर अभी बाकी है

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