उदयपुर खजुराहो एक्सप्रेस अब जबलपुर तक.. 19 दिसंबर से 16 जनवरी तक चलेगी.. बुंदेलखंड को महाकौशल से जोड़ने वाली पहली बहुप्रतिक्षित ट्रेन का सभी को इंतजार.. परिचालन में लेट लतीफी की वजह से 20 की जगह 13 फेरे ही बचे..

 
खजुराहो जबलपुर एक्सप्रेस अब 19 से सप्ताह में 3 दिन 
दमोह/ सागर/ छतरपुर/टीकमगढ़/ जबलपुर । बुंदेलखंड के छतरपुर टीकमगढ़ जिला को रेल सेवा के जरिए दमोह सागर होकर महाकौशल के जबलपुर को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित रेल सेवा खजुराहो जबलपुर ट्रेन को अब 19 दिसंबर से प्रारंभ किए जाने का टाइम टेबल जारी कर दिया गया है। सप्ताह में 3 दिन चलने वाली ट्रेन अब महज 13 फेरे ही पूरे करेगी। पूर्व मैं जब इसे 2 दिसंबर से चलाए जाने का निर्णय लिया गया था उस समय यह ट्रेन 20-20 फेरे दोनों तरफ से चलना थी।
उदयपुर खजुराहो एक्सप्रेस अब जबलपुर तक.. 19 दिसंबर से 16 जनवरी तक चलेगी.. बुंदेलखंड को महाकौशल से जोड़ने वाली पहली बहुप्रतिक्षित ट्रेन का सभी को इंतजार.. परिचालन में लेट लतीफी की वजह से 20 की जगह 13 फेरे ही बचे..
उदयपुर से खजुराहो के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन को 2 दिसंबर से सप्ताह में 3 दिन जबलपुर तक बढ़ाए जाने के उत्तर मध्य रेलवे का निर्णय पश्चिम मध्य रेलवे के कतिपय अधिकारियों की नानुकर के चलते ठंडे बस्ते में चला गया था बाद में इस ट्रेन को जबलपुर में प्लेटफॉर्म निर्माण कार्य चलने का हवाला देकर नैनपुर तक बढ़ाने का टाइम टेबल जबलपुर से जारी कर दिया गया था। लेकिन नैनपुर में ट्रेन के मेंटेनेंस की समस्या के चलते घोषणा के बाद भी इसका परिचालन शुरू नहीं हो सका था उधर मामले को टीकमगढ सांसद वीरेंद्र खटीक द्वारा लोकसभा में उठाए जाने के साथ इसका टाइम टेबल बदलकर दिन में चलाने की भी मांग की गई थी। इस ट्रेन को जल्द से जल्द चालू किए जाने के राजनैतिक दबाव के बीच आखिरकार खजुराहो जबलपुर ट्रेन को 19 दिसंबर से सप्ताह में 3 दिन चलाने की समय सारणी एक बार फिर नए सिरे से जारी कर दी गई है।
उदयपुर खजुराहो एक्सप्रेस अब जबलपुर तक.. 19 दिसंबर से 16 जनवरी तक चलेगी.. बुंदेलखंड को महाकौशल से जोड़ने वाली पहली बहुप्रतिक्षित ट्रेन का सभी को इंतजार.. परिचालन में लेट लतीफी की वजह से 20 की जगह 13 फेरे ही बचे..
 लेकिन इस समय सारणी में अब यह ट्रेन 20 फेरों के बजाय केवल 13 फेरे ही पूरे करेगी। रात्रि कालीन ओवर नाइट एक्सप्रेस को यदि अच्छी सवारियों के साथ रिस्पांस मिलता है तो इसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है नहीं तो 13 फेरों की औपचारिकता है तो पूरी करने की तैयारियां कर ली गई है। खजुराहो से सोमवार बुधवार और गुरुवार को 16 जनवरी तक चलने वाली यह ट्रेन रात 11:20 बजे रवाना होकर रात 12 छतरपुर, रात 1.55 पर टीकमगढ़, रात 3 बजे ललितपुर,  मंगलवार  गुरुवार और शुक्रवार को सुबह 5:15 बजे सागर, 6:30 बजे दमोह, सुबह 8 बजे कटनी 9.45 पर जबलपुर पहुचेगी।  इसी तरह जबलपुर से 20 दिसंबर से 17 जनवरी तक चलने वाली ट्रेन मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को रात 8:05 पर रवाना होकर  सवा 9 बजे कटनी,  22:45 बजे दमोह, 23:50 बजे सागर, रात 2.20 पर ललितपुर, रात 3.20 पर टीकमगढ़, सुबह 5 बजे छतरपुर तथा सुबह 6 बजे खजुराहो पहुचेगी।
उदयपुर खजुराहो एक्सप्रेस अब जबलपुर तक.. 19 दिसंबर से 16 जनवरी तक चलेगी.. बुंदेलखंड को महाकौशल से जोड़ने वाली पहली बहुप्रतिक्षित ट्रेन का सभी को इंतजार.. परिचालन में लेट लतीफी की वजह से 20 की जगह 13 फेरे ही बचे..

उत्तर मध्य रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा में वृद्धि करते हुए खासकर पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखकर सप्ताह में 3 दिन चलने वाली उदयपुर खजुराहो ट्रेन के कोच का उपयोग खजुराहो से जबलपुर के बीच प्रायोगिक तौर पर किया जा रहा है। इस गाड़ी में 2 एसएलआर, 4 जनरल कोच, एसी प्रथम श्रेणी 1, स्लीपर कोच 9, एसी 3- 4 व एसी-2 का 1 कोच रहेगे। यदि इस गाड़ी को अच्छी सवारी मिलती है तो बुंदेलखंड वासियों को बिना मांगे खजुराहो होते हुए उदयपुर तक रेल सुविधा हासिल हो जाएगी।
जबलपुर, सागर, दमोह से छतरपुर टीकमगढ़ खजुराहो की सड़क मार्ग से यात्रा करने वालों को इस ट्रेन में यात्रा करने में समय के साथ लंबी दूरी तय करना पड़ेगी क्योंकि ट्रेन मार्ग से जबलपुर से खजुराहो की दूरी 579 किलोमीटर पड़ती है, जबकि सड़क मार्ग से जबलपुर खजुराहो पहुंचने में 300 किलोमीटर, सागर दमोह से खजुराहो पहुंचने में करीब 200 किलोमीटर का रास्ता ही तय करना पड़ता है। इसके बावजूद बुंदेलखंड के 4 जिलों को एक सूत्र में पिरोने वाली इस नई सवारी गाड़ी को यात्रियों का भरपूर समर्थन  मिलेगा ऐसी उम्मीद की जा रही है।  अटलराजेंद्र जैन

From Around the web