टीकमगढ़ तरफ से आ रही स्विफ्ट कार से.. पुलिस ने गल्ला व्यापारी से 14 लाख 68 हजार रुपये जप्त किए.. चुनाव में खपाने की आशंका के चलते एसएसटी टीम करेगी जांच..मलहरा उपचुनाव के चलते चेकिंग अभियान तेज..

 

 टीकमगढ़ तरफ से आ रही कार से 14 लाख 68 हजार रुपये जप्त..

छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा उपचुनाव की पूर्व बेला में चुनावी घमासान के साथ पुलिस का जांच चेकिंग अभियान भी शुरू हो गया। कल गढ़ी मलहरा क्षेत्र में विधायक धीरज दीक्षित की गाड़ी पर पथराव के बाद आसपास के थाना क्षेत्रों में अलर्ट हुई पुलिस टीम द्वारा हर आने जाने वाले वाहनों की जांच की जा रही है इसी कड़ी में टीकमगढ़ तरफ से आ रही एक शिफ्ट कार की जांच के दौरान 14 लाख से अधिक की नगदी बरामद होने की खबर सामने आई है।
टीकमगढ़ तरफ से आ रही स्विफ्ट कार से.. पुलिस ने गल्ला व्यापारी से 14 लाख 68 हजार रुपये जप्त किए.. चुनाव में खपाने की आशंका के चलते एसएसटी टीम करेगी जांच..मलहरा उपचुनाव के चलते चेकिंग अभियान तेज..
प्राप्त जानकारी के अनुसार छतरपुर जिले की सीमा बड़ागांव धसान नदी पर भगवा थाना प्रभारी डीएसपी पंकज मिश्रा की टीम द्वारा वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान गुरुवार रात करीब 8 बजे टीकमगढ़ की ओर से आ रही स्विफ्ट डिजायर कार क्रमांक MP16-C-9182 को रोक कर सर्चिंग के दौरान कार में काले कलर के बैग में 14 लाख 68 हजार रूपये पाए गए। उपचुनाव के मद्देनजर उपरोक्त रकम चुनाव में खपाए जानेे की आशंका के चलते तत्काल एसटीएफ टीम को सूचना देते हुए इनकम टैक्सस डिपार्टमेंट को भी जानकारी दी गई।
टीकमगढ़ तरफ से आ रही स्विफ्ट कार से.. पुलिस ने गल्ला व्यापारी से 14 लाख 68 हजार रुपये जप्त किए.. चुनाव में खपाने की आशंका के चलते एसएसटी टीम करेगी जांच..मलहरा उपचुनाव के चलते चेकिंग अभियान तेज..

जबकि  इस रकम को लेकर घुवारा निवासी कार चालक गल्ला व्यापारी रविंद्र जैन का कहना था कि ओके रकम बड़ागांव बैंक से लेकर आ रहा है जिसका भुगतान उसे किसानों को करना था। लेकिन  चुनावी चकल्लस में उलझी  पुलिस ने  गल्ला व्यापारी की  एक भी नहीं सुनी तथा चुनावी नजरिए से देखते हुए  उनकी नगद राशि को अपने कब्जे में लेते हुए इसे चुनाव में खपाने की आशंका जता डाली। डीएसपी पंकज मिश्रा ने एसएसटी टीम को मौके पर बुला उपरोक्त रकम तथा मामला एसएसटी टीम को सौंप दिया है। 
जबकि जानकारों का कहना है कि रविंद्र जैन घुवारा के बड़े गल्ला व्यवसाई है तथा वहां पर बैंक में इतना कैश नहीं होने की वजह से वह स्वयं चेक लेकर कैश कराने के लिए बड़ा गांव गए थे। जहां से लौटते समय पुलिस जांच कार्रवाई के शिकार हो गए। ऐसे में क्षेत्र के अन्य व्यापारियों को भी अब अलर्ट हो जाना चाहिए। क्योंकि पुलिस उपचुनाव के चेकिंग अभियान के दौरान कहीं भी उनको कार्रवाई का शिकार बना सकती है।

From Around the web