नए साल के जश्न पर नाईट कर्फ्यू का ब्रेक.. मप्र में 30 नए मरीजो से एक्टिव केस 192.. पन्द्रह दिन बाद भी नहीं आई जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट

मुख्यमंत्री ने सभी से की सतर्कता बरतने की अपील
 
मुख्यमंत्री
मप्र में 36 दिन बाद फि‍र से नाइट कर्फ्यू की वापसी हो गई है।कोरोना के बढ़ते केसो को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू का आदेश जारी कर दिया है। जिससे आधी रात को सड़क पार्क होटल रेस्टोरेंट आदि में नए साल का जश्न मनाने की तैयारी कर चुके युवाओं के अरमानों पर ग्रहण लगने जैसे हालात बन गए हैं..

मप्र में फिर एकबार कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार ने 36 दिन (17 नवंबर) बाद मध्य प्रदेश में गुरुवार से रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक कोरोना कर्फ्यू लागू कर दिया है। इस दौरान लोग जरूरी काम से ही घर से निकल सकेंगे। गुरुवार को जनता के नाम संबोधन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह घोषणा की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्कूल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुलेंगे, पर शारीरिक दूरी का कड़ाई से पालन करना होगा। प्रदेश में गुरुवार को कोरोना के 30 नए प्रकरण सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भी नए वैरिएंट ओमिक्रोन के प्रकरण जल्द सामने आने से इंकार नहीं किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई महीनों बाद प्रदेश में एक दिन में 30 नए प्रकरण मिले हैं। इंदौर-भोपाल में साप्ताहिक प्रकरण नवंबर की तुलना में तीन गुना हो गए हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि मास्क जरूरत लगाएं। भीड़ में न जाएं और कोरोना का टीका जरूर लगवा लें। जिसने पहली डोज लगवा ली है, वह दूसरी जरूर लगवाए। उन्होंने कहा कि रात्रिकालीन कर्फ्यू के बाद भी जरूरी हुआ, तो अन्य उपाय भी करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना का प्रकरण सामने आता है, तो पर्याप्त जगह होने पर ही मरीज को घर में आइसोलेट किया जाएगा। यदि जगह नहीं है, तो अस्पताल में भर्ती कराएंगे। ताकि परिवार के दूसरे सदस्य संक्रमित न हों। उन्होंने जनता से सहयोग की अपेक्षा की।

दोनों लहर इसी तरह से आईं..
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओमिक्रोन के रूप में कोरोना देश के 16 राज्याें में आ चुका है। पिछले अनुभव बताते हैं कि पहली व दूसरी लहर ऐसे ही आई। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र,गुजरात, दिल्ली में एक हफ्ते से प्रकरण बढ़ रहे हैं, जो चिंता का विषय हैं। इन राज्यों से मध्य प्रदेश में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। पिछली दोनों लहर में महाराष्ट्र एवं गुजरात में प्रकरण बढ़ने के बाद मध्य प्रदेश में सामने आना शुरू हुए। वहीं इंदौर और भोपाल से प्रदेश में संक्रमण की शुरूआत हुई।


यही सचेत होने का सही समय..
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओमिक्रोन तेजी से फैलता है। इंग्लैंड में एक लाख, अमेरिका में ढाई लाख प्रकरण रोज आ रहे हैं। मुझे यही सचेत होने का सही समय लगा। तेजी से संक्रमण न फैले, इसलिए सभी आवश्यक उपाय करें। भारत सरकार ने भी गाइड लाइन जारी की है

 मप्र में 30 नए मरीज मिलने से एक्टिव केस 192..

भोपाल। प्रदेश में कोरोना संक्रमण एक बार फिर गहराने लगा है। बुधवार को प्रदेश में कोरोना के 30 मरीज मिले हैं। इनमें इंदौर के 12 और भोपाल के 11 मरीज शामिल हैं। बड़वानी, नीमच और उज्जैन में दो-दो मरीज मिले हैं। बैतूल में एक मरीज मिला है। कुल 62,538 सैंपल की जांच में इतने मरीज मिले हैं। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा गुरुवार को जारी हेल्थ बुलेटिन में सामने आई है। अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में एक दिन में मिले मरीजों की यह सर्वाधिक संख्या है। मरीज बढ़ने की एक वजह यह है कि हफ्ते भर पहले तक हर दिन 50 हजार से करीब सैंपलों की जांच की जा रही थी, अब 60 हजार सैंपल जांचे जा रहे हैं। हालांकि लक्ष्य रोजाना 70 हजार सैंपल जांचने का है।

नए मरीजों के साथ इंदौर में सक्रिय मरीजों की संख्या 91 और भोपाल में 63 हो गई है। 87 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। 30 नवंबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना पाजिटिव आने वाले सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने को कहा था, जिससे इनसे दूसरों को संक्रमण का खतरा नहीं रहे। अब स्वास्थ्य संचालनालय ने इसमें कुछ ढील दी है। बिना लक्षण वाले मरीजों को उनके घर में ही आइसोलेशन में रखा जा रहा है। भोपाल में विदेश से आई तीन युवतियों के पाजिटिव आने के बाद उन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार फिलहाल भोपाल में 26 और इंदौर में 32 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। भोपाल में पांच और इंदौर में एक मरीज आइसीयू में है।

15 दिन बाद भी नहीं आई जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट

भोपाल में छह और सात दिसंबर को यूके और कनाडा से आए दो लोगों की रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आई थी। जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए इनके सैंपल नेशनल सेंटर फार डिसीज कंट्रोल (एनसीडीसी) दिल्ली भेजे गए थे, लेकिन अभी तक इनकी रिपोर्ट नहीं आई है। इनकी अस्पताल से छुट्टी भी कर दी गई है। इसके बाद विदेश से आने वाले चार और लोग पाजिटिव आए थे। उनकी रिपोर्ट भी अभी तक नहीं आई है।

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