हबीबगंज स्टेशन का नया नामकरण.. अटल बिहारी वाजपेई के बजाए रानी कमलापति के नाम पर होगा.. सूचना जारी

 मप्र परिवहन विभाग ने रेलवे वोर्ड को सूचना भेजी
 
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भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री पंडित अटल बिहारी बाजपेई के नाम पर हबीबगंज रेलवे स्टेशन के नामकरण की आस लगाए बैठे उनके लाखों प्रशंसकों के लिए यह निराशा भरी खबर है हबीबगंज स्टेशन का नामकरण अब रानी कमलापति के नाम से होने जा रहा है..
भोपाल। मध्य प्रदेश के हबीबगंज रेलवे स्टेशन का 100 करोड़ की राशि से कायाकल्प किए जाने के बाद अब इस अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन का लोकार्पण 15 नवंबर को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी करने जा रहे हैं। इस दिन श्री मोदी का भोपाल आगमन हो रहा है तथा वह भगवान बिरसा मुंडा की स्मृति में आयोजित जनजाति सम्मेलन को संबोधित करेंगे, इसी दौरान हबीबगंज रेलवे स्टेशन के नए नाम के साथ लोकार्पण भी होने जा रहा है। 

रानी कमला पति

हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नया नाम रानी कमलापति रेलवे स्टेशन किए जाने का निर्णय मप्र शासन के परिवहन विभाग द्वारा लिए जाने के बाद 12 नवंबर को महामहिम राज्यपाल महोदय की अनुशंसा से इसकी अधिसूचना उप सचिव वन्दना शर्मा के हस्ताक्षर से जारी की गई है तथा इसकी एक प्रति रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को भी भेज दी गई है। जारी अधिसूचना में बताया गया है कि 16 वीं सदी में भोपाल गौंड शासकों के अधीन था राजा सूरज साह के पुत्र निजाम शाह की पत्नी कमलापति जीवन भर बहादुरी के साथ आक्रमणकारियों से मुकाबला करती रही। उनकी वीरता की स्मृति बनाए रखने के लिए हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नया नाम रानी कमलापति रेलवे स्टेशन करने का निर्णय लिया गया है।

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इस निर्णय से पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेई के नाम पर हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नामकरण किए जाने की आस लगाए बैठे लाखों अटल प्रशंसकों मैं निराशा का माहौल बना हुआ है उल्लेखनीय है कि 3 वर्ष पूर्व श्री बाजपेई के निधन के बाद हबीबगंज स्टेशन के पुनर्विकास कार्य शुरू होने के अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित भाजपा के अनेक केद्रीय नेताओं की मौजूदगी में हबीवगंज स्टेशन का नामकरण अटलजी के नाम पर करने की घोषणा की गई थी। लेकिन अब शिवराज सरकार के कार्यकाल में ही अटल जी के नाम की अनदेखी कर दी गई है। जिससे भाजपा के प्रदेश प्रभारी श्री मुरलीधर राव द्वारा पिछले दिनों इंदौर में कहीं गई उस बात की भी पुष्टि होती नजर आती है जिसमें उन्होंने ब्राह्मण बनियों के भाजपा के जेब में होने की बात कही थी और फिर इस पर सफाई भी दी थी।

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