कालिख कांड.. घटिया निर्माण.. दबाव की राजनीति..!
दमोह।
दमोह नगर पालिका अधिकारी CMO प्रदीप शर्मा को हिन्दू विरोधी बताते हुए
पिछले दिनों उनके निवास के बाहर चेहरे पर काली स्याही पोते जाने का
घटनाक्रम सामने आया था। जिसके बाद कलेक्टर ने जांच समिति का गठन करते हुए
रिपोर्ट देने को कहा था। इधर उक्त सदमे से उबरने के बाद सीएमओ प्रदीप शर्मा ने जांच टीम के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए तथा मीडिया से भी रूबरू हुए।
मामले
में सीएसओ प्रदीप शर्मा ने खुद को हिंदू विरोधी बताए जाने पर कटाक्ष करते
हुए कहा कि वह तालिबान से नहीं आए हैं आम भारतीय नागरिक हैं शासन ने उनको
जो जिम्मेदारी सौंपी है उसका वह निर्वहन कर रहे हैं। पंडित होने के साथ दोनों टाइम पूजा पाठ करते हैं नवरात्र में उपवास भी कर रहे हैं। इस
तरह से बदनाम करने के पीछे कुछ पार्षद नगर पालिका के कुछ कर्मचारी और कुछ
ठेकेदारों का हाथ होना उन्होंने बताया है। दरअसल
उनके द्वारा घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदारों के भुगतान पर रोक लगा दी गई
है। काम चोरी ड्यूटी से नदारत रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही
की गई है। कर्मचारियों को ईमानदारी से नागरिक सुविधा उपलब्ध कराने तथा
टैक्स वसूली करने के निर्देश दिए गए है।
आगामी दिनों में नगर पालिका क्षेत्र
में विभिन्न निर्माण कार्यों के 100 करोड़ से अधिक के टेंडर लगने वाले है।
इसके पहले उनके द्वारा सीसी रोड की सैंपलिंग लेकर जांच कराई गई है। इन सब
हालातो से व्यथित होकर यह लोग चाहते हैं कि उनके अनुसार चलें या फिर छुट्टी
लेकर चले जाएं इसीलिए उनके साथ इस तरह का व्यवहार करके मानसिक तथा शारीरिक
आघात पहुंच कर समाज में उनकी छवि धूमल करने की कोशिश की गई है सांप्रदायिक
तनाव फैलने की कोशिश की गई है। जबकि उनके द्वारा
करीब एक दर्जन बड़ी फ़र्मो की बड़ी टेक्स चोरी को पकड़ते हुए नए सिरे से उनका
उनका वास्तविक टैक्स का निर्धारण कराया गया है।
एक
मैरिज गार्डन से करीब 6 करोड रुपए की टैक्स पेनेल्टी निकाली गई है। तीन
मंजिला एक होटल लॉज से एक खंड की टैक्स वसूली किए जाने के मामले को पकड़ा
है। नगर पालिका के वाहनों की मरम्मत और डीजल आदि की गड़बड़ी को पकड़कर
कार्यवाही की है। ऐसे में घटिया निर्माण भ्रष्टाचार में लिप्त कुछ लोगों को
उनकी कार्यवाही पसंद नहीं आ रही तथा वह उनके खिलाफ षड्यंत्र रचने की कोशिश
में लग रहे हैं।
सीएमओ प्रदीप शर्मा ने 29 मार्च की घटनाक्रम के संदर्भ में बताया कि सीएसपी अभिषेक तिवारी ने उन्हें मोबाईल कर घंटाघर पर लगे झंडों को लेकर संभावित विवाद की जानकारी देते हुए संबंधित संगठनों से बातचीत करने को कहा था। जिस पर उन्होंने अपने दायित्वधीन कर्मचारियों सपन मिश्रा और संजय परिहार को बातचीत के लिए भेजा था।
कुछ देर
उन के मोबाईल पर धमकी भरे काल आने लगे। घन्टाघर से झंडे न उतारने की बात
कहते हुए गाली-गलौच की जाने लगी। और जान से मारने की धमकी दी जाने ललगी
जिसका ऑडियो भी उनके पास मौजूद है। इसके बाद विवेक अग्रवाल और छुट्टू यादव
उनके आवास पर पहुंचे और उनके साथ बदतमीजी करते हुए चेहरे पर काली स्याही
पोती तथा धमकाते हुए चले गए। इस पूरी घटना का वीडियो काट-छांट कर सोशल
मीडिया पर वायरल किया गया ताकि धार्मिक भावनाएं भड़काई जा सकें और शहर की
शांति व्यवस्था प्रभावित हो। घंटाघर पर लगे पुलिस कैमरों की फुटेज से
सच्चाई सामने आ सकती है।
सागर संभाग के सभी सीएमओ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौपा.. दमोह नगर
पालिका सीएमओ शर्मा के साथ 29 मार्च को हुए घटनाक्रम की विरोध में सागर
संभाग के सभी नगर पालिका अधिकारी मंगलवार को दमोह में एकत्रित हुए। बाद में
कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर नगरीय प्रशासन विभाग के जॉइंट डायरेक्टर
राजेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन सोपा गया।जिसमें
उपरोक्त घटना के आरोपियों के खिलाफ कठोर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करके
कार्यवाही किए जाने तथा भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सीएमओ
प्रदीप शर्मा को सुरक्षा प्रदान किए जाने जैसी मांग की गई है। इस घटना के
विरोध में प्रदेश के अन्य संभाग मुख्यालय पर भी नगर पालिका अधिकारियो
द्वारा ज्ञापन सोपे गए। प्रदेश भर के नगर पालिका अधिकारी 4 अप्रैल को भोपाल
जाकर प्रदेश के नगरी प्रशासन मंत्री, आयुक्त आदि से मुलाकात करेंगे।
उन्हें वस्तु स्थिति से अवगत कराएंगे।
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