प्रयागराज से वापिस लोटते समय यात्री बस पलटी
दमोह।
कुछ दिन पूर्व तेंदूखेड़ा क्षेत्र की यात्री बस से महाकुंभ प्रयागराज से
सभी यात्रा स्नान कर लोटते समय नींद के झोके एवं डंफर से बचने के चक्कर में
यूपी के कौशाम्बी जिले के लेहदरी गांव थाना कड़ा धाम क्षेत्र के पास सुबह
चार बजे हादसे के शिकार हो गए और बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे मे
लगभग दो दर्जन श्रद्धालुओं के घायल होना बताया गया है। राहगीरों द्वारा
इसकी सूचना कड़ा धाम थाना पुलिस को दी गई और लोगों और पुलिस की मदद से
घायलों को बस से बाहर निकाला गया और कड़ा धाम थाना के स्वास्थ्य केंद्र में
भर्ती कराया गया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद 12 लोगों को कौशाम्बी जिला
मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है वही अन्य 18 लोगों का इलाज कड़ा धाम थाना
क्षेत्र के अस्पताल में चल रहा है। पुलिस के द्वारा सभी घायलों के परिवार
को भी सूचना दी गई जिसके बाद घायलो के परिजन भी पहुंच गए थे। हादसे में
घायल अनिल यादव ने बताया कि हम अपने परिवार के साथ पांच दिन पहले ही
तेन्दूखेड़ा से बस क्रमांक एमपी 30 पी 0213 से प्रयागराज महाकुंभ स्नान करने
आए थे जिसमें तेन्दूखेड़ा चौराई और जामुनखेड़ा ग्राम के लोग मौजूद थे जहां
प्रयागराज में महाकुंभ स्नान करने के बाद सभी लोग अयोध्या में भगवान
श्री राम के दर्शन करने गए थे जहां से वो वापस चित्रकूट जा रहे थे लेकिन
सुबह 4 बजे जैसे ही श्रद्धालुओं की यात्री बस लेहदरी के पास पहुंची तो चालक
को झपकीं आ गई और सामने आ रहे एक डंपर को बचाने के चक्कर में बस
अनियंत्रित होकर सड़क छोड़कर खाई में पलट गई..
घटना के संबंध में यूपी के कड़ा़ धाम थाना क्षेत्र डीएसपी
अवधेश विश्वकर्मा ने बताया कि एक बस अनियंत्रित होकर सुबह पलट गई थी जिसमें
कई लोग घायल हो गए हैं। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी
यात्री प्रयागराज महाकुंभ में स्नान के बाद अयोध्या गए थे और वहां पर वापिस चित्रकूट होते हुए घर आते समय यह हादसा हो गया पुलिस द्वारा
मामले की जांच की जा रही है। विशाल रजक की खबर
40 लाख के चेक बाउंस के मामले में न्यायालय ने किया दोष मुक्त.. दमोह। शहर
के बहुचर्चित 40 लाख के चेक बाउंस के मामले में न्यायाधीश सु श्री प्रिया
राठी मैडम जेएमएफसी दमोह ने दिनांक 17/02/2025 को निर्णय सुनाते हुए आरोपी
को दोष मुक्त कर दिया है। अभियोजन पक्ष से परिवादी ऋषभ कुमार जैन बनगांव ने
40 लख रुपए की चेक बाउंस मामले में यह आरोप लगाया था कि परिवादी के बड़े
भाई अशोक कुमार जैन परिवादी को उसकी 40 लख रुपए की राशि लौटाने के लिए
भुगतान के एवज में उसे 40 लाख रुपए का चेक प्रदान किया था जो भुगतान हेतु
प्रस्तुत किए जाने पर बैंक द्वारा अनाद्रित कर दिया था। परिवादी का आरोप था
कि वह अपनी जमीन पर खेती करता था और खेती की फसल अपने बड़े भाई अशोक कुमार
ऋषभ कुमार जैन की फर्म को बेचता था, चूंकि आरोपी उसका बड़ा भाई था इस कारण
करीब 10-12 बरसों से परिवादी और जब आरोपी को फसल देता रहता था और 12 वर्षों
बाद जब परिवादी ने उससे अपनी 40 लाख रुपए की रकम मांगी तो आरोपी ने उसे 40
लाख रुपए की रकम का चेक दिया था..
वही आरोपी अशोक कुमार जैन की ओर से बचाव
लेते हुए यह कहा गया था कि परिवादी आरोपी का सगा छोटा भाई है और आरोपी की
फर्म अशोक कुमार ऋषभ कुमार जैन में ही कार्य करता था और चूंकि परिवादी
आरोपी का सगा छोटा भाई था इसलिए फॉर्म के वित्तीय लेनदेन के कार्यों को
संपादित करने के लिए आरोपी अपनी फर्म के खातों की चेक बुक पर कोरे चेक पर
हस्ताक्षर करके रख देता था और परिवादी फर्म की आवश्यकता अनुसार उसमें नाम
और राशि भरकर भुगतान करता रहता था। आरोपी और परिवादी के बीच मतभेद होने पर
परिवादी ने आरोपी की फर्म के खातों की चेक बुक में से आरोपी के हस्ताक्षर
युक्त रखे गए चेकों में से एक चेक प्राप्त कर उसमें मनमानी रकम 40 लाख भरकर
उसे बैंक से बाउंस करा कर आरोपी के विरुद्ध झूठा मामला पेश किया है।
प्रकरण में बचाव पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य व तर्कों से सहमत होकर
माननीय न्यायालय प्रिया राठी मैडम जेएमएफसी दमोह द्वारा निर्णय पारित करते हुए आरोपी अशोक कुमार जैन बनगांव को उक्त मामले में
दोष मुक्त कर दिया है। मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता रमेश
श्रीवास्तव के द्वारा पैरवी की गई।
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