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स्लॉटर हाउस मामले में भाजपा कांग्रेस के बीच खुले आरोप प्रत्यारोप.. प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा से नपा अध्यक्ष प्रत्याशी, कांग्रेस से नपा उपाध्यक्ष नदारत.. हाई कोर्ट में भैंस पड़ा वध याचिका जबाव अवधि 4 मार्च..

स्लॉटर हाउस पर भाजपा कांग्रेस के आरोप प्रत्यारोप

दमोह। दमोह में पशु वध गृह अर्थात स्लॉटर हाउस को लेकर नगर पालिका के पार्षदों के बीच शुरू हुई जोर आजमाइश का दौरा अब भाजपा कांग्रेस के नेताओं की जोर आजमाइश में बदल गया। मामले में खास बात है कि भाजपा की तरह कांग्रेस भी स्लॉटर हाउस खोले जाने के पक्ष में नहीं है। लेकिन परिषद की बैठक में स्लॉटर हाउस का प्रस्ताव भी शामिल रहने से हिंदू संगठनों के साथ भाजपा को इस मुद्दे का विरोध करने का बड़ा मौका मिल गया है वही अब कांग्रेस को भी सफाई देने को मजबूर होना पड़ा है। हाई कोर्ट मैं इस मामले में 4 मार्च 2025 को तीन माह की जवाब अवधि पूरी हो रही है। ऐसे में देखना होगा अब नगर पालिका परिषद क्या रास्ता निकालती है..
पिछले तीन दिनों से स्लॉटर हाउस को लेकर कांग्रेस भाजपा पार्षदों के बीच नगर पालिका परिषद की बैठक से लेकर नगर पालिका परिसर में तनातनी के हालात सामने आने के साथ कलेक्टर द्वारा बैठक को स्थगित कर दिए जाने का घटनाक्रम सामने आया था। वहीं हिंदू संगठनों के साथ भाजपा पार्षदों द्वारा कांग्रेस शासित नगर पालिका पर दमोह में स्लॉटर हाउस खोले जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की कोशिश करने के आरोप लगाए जाने के बाद कांग्रेस पार्षदों के साथ कांग्रेस नेताओं को भी नगर पालिका अध्यक्ष के बचाव में खुलकर सामने आना पड़ा है।
शुक्रवार को नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमति मंजू वीरेंद्र राय के द्वारा बड़ी देवी जी परिसर में एक पत्रकार वार्ता का आयोजन करके स्पष्ट किया गया कि दमोह में स्लाटर हाउस खोलने की इजाजत नहीं दी जाएगी। साथ ही बताया गया कि हाई कोर्ट द्वारा एक याचिका की सुनवाई के बाद स्लॉटर हाउस मामले में नगर पालिका का अभीमत लेने को कहा गया था। जिसके परिपेक्ष में परिषद की बैठक में शामिल प्रस्ताव में स्लॉटरहाउस से संबंधित प्रस्ताव को भी रखा गया था। तथा सभी पार्षदों की सहमति लेकर स्लाटर हाउस नहीं खोले जाने का प्रस्ताव पास करके हाई कोर्ट में भेजे जाने की तैयारी थी लेकिन इसके पहले ही हो हल्ला मचा कर भाजपा पार्षदों ने बैठक कोई स्थगित करा दिया। 27 फरवरी की बैठक के स्थगित जाने से क्या महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास होकर हाईकोर्ट नहीं भेजा जा सका। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मंजू राय ने कहा कि मैं और मेरी परिषद किसी भी सूरत में दमोह एवं आसपास के धार्मिक क्षेत्र में स्लाटर हाउस खोलने की अपनी सहमति कभी नहीं दे सकती
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रत्नचंद जैन ने दमोह की जनता को अस्वस्थ करते हुए कहा कि हम सभी सनातन धर्म के लोग ना तो कभी गोवंश के पक्ष में रहे हैं और ना ही सेलाटर हाउस जैसी परमिशन को नगर पालिका के माध्यम से देने के पक्ष में है उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा और कांग्रेस के पार्षद गण एकमत होकर यदि प्रस्ताव के पक्ष में अपने हस्ताक्षर करके उसकी प्रति हाई कोर्ट को भेज देते तो निश्चित रूप से इस अनिश्चित पर पूर्ण विरामर लग जाता किंतु जानबूझकर शहर के अन्य मुद्दों से ध्यान भटकने एवं कांग्रेस शासित परिषद की छवि को धूमिल करने को उद्देश्य कतीपे नेताओं द्वारा जया षड्यंत्र रचा गया उसकी जिला कांग्रेस कमेटी निंदा करती है और हम शहर के विकास के लिए कृत संकल्पित है अध्यक्ष प्रतिनिधि शिवम राय ने इस अवसर पर पत्रकार बंधुओ को संबोधित करते हुए कहा कि अध्यक्ष का प्रतिनिधि होने के नाते जब मैं स्पष्ट रूप से अपनी बात परिषद में रखता हूं तो तो बीजेपी के पार्षद प्रतिनिधि बोलने से रोकते हैं जबकि वे लोग प्रतिनिधि के रूप में अपनी बात रख सकते हैं यह दोहरा व्यवहार क्यों किया जा रहा है मेरा स्पष्ट रूप से कहना है की दमोह के बुद्धिजीवि जन नगर पालिका के प्रस्ताव को ध्यानपूर्वक पढ़ें एवं भाजपा द्वारा फैलाये जारहे षड्यंत्र का पर्दाफाश करें..
कांग्रेस से नपा उपाध्यक्ष का नदारत रहना चर्चाओं में..पत्रकार वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष रत्नचंद जैन महिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनी ठाकुर संभागीय प्रवक्ता निधि श्रीवास्तव महामंत्री राजा राय सहित अनेक पार्षद एवं कांग्रेस नेता मौजूद रहे लेकिन कांग्रेस नेता और नगर पालिका उपाध्यक्ष सुषमा विक्रम ठाकुर की अनुपस्थित चर्चा का विषय बनी रही। जबकि पाषर्द राजा रौतेला, राजू बघीरा, रफीक खान, अमर सिंह, मिकी चंदेल, हेमराज भइया, रमेश राठौर, जीशान पठान, सेवा दल के बीरन ठाकुर प्रफुल्ल श्रीवास्तव मंजीत यादव वेल त्रिवेदी अरुण मिश्रा एडवोकेट नितिन मिश्रा आदि की उपस्थिति रही।

दो घंटे बाद भाजपा ने भी बुलाई पत्रकार वार्ता.. स्लॉटर हाउस मामले में कांग्रेस की पत्रकार वार्ता की 2 घंटे बाद भारतीय जनता पार्टी के द्वारा भी मंगलम होटल में एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाई गई जिसमें रमन खत्री ने कहा कि कॉग्रेस शासित नगर पालिका ने बहुत ही षड़यंत्र पूर्ण तरीके से नगर पालिका परिषद के सम्मेलन में पशु वध केंद्र में माननीय उच्च न्यायालय में दायर रिट याचिका क्र. 28057/2024 मुर्रसलीम कुरैशी विरूद्ध मप्र शासन एवं अन्य में पारित आदेश दिनांक 4.12.2024 के निर्णय की सूचना परिषद के सम्मेलन में जोड़ी गई। यह इनकी चाल है यह पशु वध केंद्र खोलने के पक्ष में थे भाजपा और जनता के विरोध के कारण ये अब अपने ही निर्णय से पलट गये हैं। यह जनता की जीत हैं। नेता प्रतिपक्ष विजय जैन ने कहा कि 25 फरवरी 2025 को नगर पालिका परिषद का जो सम्मेलन बुलाया गया वह नगर पालिका उपाध्यक्ष सुषमा विक्रम सिंह के लेटर हेड पर जो सम्मेलन बुलाने की मांग की गई थी परंतु सम्मेलन में उपाध्यक्ष के द्वारा दिए गए सुझाव और बिंदुओं पर विचार नहीं किया गया केवल अध्यक्ष के द्वारा सम्मिलित बिंदु ही रखे गए इससे यह स्पष्ट होता है कि नगर पालिका अध्यक्ष की कार्यप्रणाली तानाशाह हैं। इन्होंने सम्मेलन के बिंदु क्रमांक 7 में केवल पशुवध केंद्र के संबंध में सूचना की जानकारी बताई गई कोई अधिक जानकारी नहीं दी गई इससे यह स्पष्ट है कि कांग्रेस शासित नगर पालिका और अध्यक्ष पशु वध के पक्ष में ही थे जनता को गुमराह करने के लिए यह विरोध की बात कर रहे है। इनकी यह पूर्व नियोजित योजना के तहत अधिनियम की धारा 61 के तहत कोरम पूरा कर अपने प्रस्ताव पारित करना चाहते थे। 
कपिल सोनी ने कहा कि कॉग्रेस, नपा अध्यक्ष और उनके पार्षदों को दमोह की जनता की समस्याएं और विकास से कोई सरोकार नहीं है वह केवल अपने और अपने चहेते ठेकेदारो को आर्थिक रूप से लाभ पहुंचाने का कार्य करते हैं। 25 फरवरी के बाद 27 फरवरी को सम्मेलन में हम सभी अपनी बात रखते लेकिन सम्मेलन रद्द हो गया। हमारी मांग है कि पशु वध केंद्र के संबध में सम्मेलन बुलाया जाये और अन्य बिंदुओ के लिए बाद में पुनः सम्मेलन आयोजित हो। यशपाल सिंह राजपूत ने कहा कि सीएमो परिषद का सचिव अधिकारी होता है, बिना उसकी सहमति से सम्मेलन नही बुलाया जा सकता और ना ही कोई निर्णय लिया जा सकता है। लेकिन प्रस्ताव क्र 5 एवं 8 की संक्षेपिका पत्र में सीएमओ के हस्ताक्षर नहीं है। नियम अनुसार परिषद का रजिस्टर 7 दिवस के अंदर सीएमओ के पास आना चाहिए और उसी अनुसार नियमबद्ध कार्य होना चाहिए लेकिन रजिस्टर अध्यक्ष अपने घर पर रखती है इनके स्वयं के सभापतियों को निर्णयों की जानकारी नहीं देती
भाजपा से नपा अध्यक्ष प्रत्याशी का नदारत रहना चर्चाओं में.. पत्रकार वार्ता में भाजपा के अनेक पदाधिकारी के अलावा अनेक पार्षद मौजूद रहे लेकिन भाजपा की तरफ से नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव के प्रत्याशी रहे युवा पार्षद विक्की गुप्ता की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही जबकि स्लॉटर हाउस के मुद्दे पर विरोध करने के लिए विक्की गुप्ता और उनकी टीम ही सबसे पहले नगर पालिका पहुंची थी और हल्ला बोल प्रदर्शन में भी सबसे आगे रहे थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्षद नितिन चौरसिया, अमित त्यागी, मनीष शर्मा, भाजपा मीडिया प्रभारी राघवेंद्र सिंह परिहार, सह प्रभारी महेन्द्र जैन विवेक सेन, विवेक अग्रवाल, सतीश जैन, मोनू राजपूत, टोनी राय, साधना तिवारी, हिमानी पारोचे, संजय कुशवाहा भी उपस्थित रही।

मंदिर प्रांगण में राजनीतिक पत्रकार वार्ता अनुमति के विरुद्ध पार्षद और हिंदू वादी संगठन ने सौंपा ज्ञापन.. भारतीय जनता पार्टी पार्षद और नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष विजय जैन और हिंदू संगठन से नित्या प्यासी ने एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा जिसमें प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री बड़ी देवी मंदिर में कॉग्रेस द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता की अनुमति किसने दी और यदि बिना अनुमति पत्रकार वार्ता आयोजित की गई है तो कार्यवाही की मांग की 
ज्ञापन में बताया गया कि दिनांक 28 फरवरी 2025 दिन शुक्रवार को नगर के धार्मिक स्थल श्री बड़ी देवी मंदिर प्रांगण में जो कि बड़ी देवी मंदिर ट्रस्ट के अंतर्गत है उसमे दमोह कांग्रेस एवं नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मंजू राय द्वारा राजनीतिक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। उक्त प्रांगण में राजनीतिक उद्देश्य से उपयोग किए जाने के पूर्व अनुविभागीय कार्यालय द्वारा दी गई अनुमति और शर्तों की सत्यापित प्रतिलिपि उपलब्ध कराए। यदि उक्त अनुमति नहीं ली गई है तो संबंधितों पर नियम अनुसार कार्रवाई करने का कष्ट करें..

हाई कोर्ट में भैंस पड़ा वध हेतु याचिका लगाई गई थी.. 4 मार्च 2025 को 3 माह की अवधि हो रही पूरी..
याचिका कर्ता मुरसलीम कुरैशी का कहना है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15 नगरपालिका अधिनियम धारा 264 ओर मप्र high कोर्ट के आदेश का पालन करना नगरपालिका परिषद का दायित्व है। दमोह कसाई मंडी में अवैध कार्य बंद हैं संपूर्ण कुरैशी समाज दमोह जिले में गौ हत्या का विरोध करती है मप्र high court में भैंस पड़ा वध हेतु याचिका लगाई गई थी जो कि पूरे हिंदुस्तान में संचालित है और केंद्र सरकार मांस निर्यात करती है और प्रत्येक वर्ष करोड़ों रुपए अनुदान राज्य सरकारों को देती है।



 मप्र high कोर्ट द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15  नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 264, 265, 266,267,268 एवं मप्र high कोर्ट के आदेश का पालन करना नगरपालिका परिषद का दायित्व है। अवैध कार्य, गौ हत्या का विरोध जायज है हमारी समाज इसका समर्थन करती है जब जिला प्रशासन द्वारा high कोर्ट के आदेश से वैधानिक कार्य कर रही है तो उसका भी विरोध ये समझ से परे है एक तरफा कहीं भी रहें विरोध करने से संविधान या नगरपालिकाओं की धाराएं या high कोर्ट का आदेश खत्म नहीं होगा। हाई कोर्ट ने 4/12/2024 को आदेश पारित किया था और मप्र शासन,जिला प्रशासन, नगर पालिका प्रशासन को 3 माह का समय दिया गया था जो 4/3/2025 को समाप्त हो जाएगा।

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